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संक्षिप्त भविष्य पुराण – सरल और सटीक

Rated 3.87 out of 5 based on 15 customer ratings
(15 customer reviews)

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भविष्य पुराण के माध्यम पर्व में भारतीय संस्कार, तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। वस्तुतः भविष्य पुराण सौर प्रधान ग्रन्थ है। सूर्योपासना एवं उसके महत्व का जैसा वर्णन भविष्य पुराण में आता है वैसा कहीं नहीं है। पंच देवों में परिगणित सूर्य की महिमा, उनके स्वरूप, परिवार, उपासना पद्धति आदि का बहुत विचित्र वर्णन है। साथ में इससे दुसरे धर्मों को बारे में भी बताया गया है। 

15 reviews for संक्षिप्त भविष्य पुराण – सरल और सटीक

  1. Rated 4 out of 5

    Harish Kumar

    I wAnt to read this books I like its

  2. Rated 3 out of 5

    Pawan verma

    It is rare of the rearest book

  3. Rated 3 out of 5

    Bunty Manasa

    Hamari sanskriti ka gyan sahejane ke liye bahut bahut dhanyawad

  4. Rated 5 out of 5

    Anoop kumar kesarwani

    Nice

  5. Rated 5 out of 5

    Krishna

    Excellent information

  6. Rated 5 out of 5

    Krishna

    Excellent information for evergobne who have nk tkme tk study vedas.

  7. Rated 5 out of 5

    Radhakrishan

    अद्भुत ग्यान का भंडार ।सचमुच अद्वितीय ।

  8. Rated 4 out of 5

    Ramesh prasad singh

    Its so easy and helpful that any one can do.

  9. Rated 1 out of 5

    rahul chavan

    nyc

  10. Rated 2 out of 5

    Santosh (verified owner)

    Maine iske liye payment kiya tha par kitabe nahin aayi

    • vigyanam

      आपको किताब ईमेल पर मिल जायेगी, एक बार अपना ईमेल चेक करें, Vigyanam के नाम से सर्च करें…

  11. Rated 1 out of 5

    Santosh (verified owner)

    Kya iske dwara logo ko thaya bhi jata hai kya

    • vigyanam

      हम आपकी बात समझे नहीं कृपया सही से समझायें..

  12. Rated 5 out of 5

    Sunita Wagh

    I also want to read this

  13. Rated 5 out of 5

    अनिल छिल्लर

    बहुत धन्यवाद हमारी विरासत को सहज ज्ञान को रखने के लिये

  14. Rated 5 out of 5

    Raj

    Very good to know about our traditional & history & about future

    • vigyanam

      Thankyou Raj Ji

  15. Rated 5 out of 5

    INDRAVADAN PANCHAL

    I would like to purchase your excellent book

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